Top News

विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं बेटियां, अर्जित ज्ञान को समाजहित में करें उपयोग : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को दिलाया राष्ट्र निर्माण का संकल्प, स्वर्ण पदक विजेता छात्राओं की सराहना
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि नई जिम्मेदारियों के साथ जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उससे समाज और राष्ट्र के विकास को नई दिशा मिले।
राज्यपाल ने कहा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका, अनुसंधान और नवाचार जैसे प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उनकी बढ़ती भागीदारी विकसित भारत के सपने को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार की सोच को सही दिशा मिले तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निश्चित रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तीकरण तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और सेवा भाव ही सफल जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय का अमूल्य योगदान होता है। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में छात्राओं का गोल्ड मेडल हासिल करना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह बदलते समाज और बेटियों की बढ़ती भागीदारी का सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं, विशेषकर बेटियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। शिक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बेटियां ही देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेंगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी उपलब्धियों को व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित करने का आह्वान किया।
दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
Astra Veda News
Astra Veda News