Top News

निर्जला एकादशी : भक्ति, संयम और आत्मशुद्धि का पर्व

निर्जला एकादशी हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है। यह ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है तथा श्रद्धालु अन्न और जल का त्याग कर व्रत रखते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीम सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख पाते थे। तब महर्षि वेदव्यास ने उन्हें वर्ष में केवल एक दिन निर्जला एकादशी का व्रत रखने का उपदेश दिया। तभी से इस व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।
निर्जला एकादशी केवल उपवास का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मसंयम, श्रद्धा, सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश भी देता है। इस दिन दान-पुण्य, भजन-कीर्तन और जरूरतमंदों की सहायता को विशेष महत्व दिया जाता है।
आज के समय में निर्जला एकादशी हमें यह सीख देती है कि जीवन में संयम, सदाचार और ईश्वर के प्रति आस्था बनाए रखना आवश्यक है। यही इस पावन पर्व का मूल संदेश है।

Post a Comment

أحدث أقدم
Astra Veda News
Astra Veda News